स्वाभिमान से जीने के लिए सामर्थ्य जरूरी - मोहन भागवत

Jun 14, 2026 - 05:41
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स्वाभिमान से जीने के लिए सामर्थ्य जरूरी - मोहन भागवत

तिरुअनंतपुरम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि आप ताकतवर हैं तो आप वेनेज़ुएला पर भी कब्जा कर लें। इस पर भी कोई कुछ नहीं कहेगा। वह दक्षिण अमेरिकी देश के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा हमला कर गिरफ्तार करने की ओर इशारा कर रहे थे।

वह आरसएस के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबंधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपनी रक्षा के लिए ताकतवर बनना होगा, क्योंकि दुनिया केवल उन्हीं की बात सुनती है जिनके पास ताकत होती है। दुनिया आपकी बात तभी सुनेगी, जब आप ताकतवर होंगे। यदि आप सच्चे हैं तो वह आपकी बात नहीं सुनेगी। यि आप ताकतवर हैं, तो झूठ का रास्ता अपनाने पर भी कोई आपत्ति नहीं करेगा। यदि आप जाकर वेनेज़ुएला पर भी कब्जा कर लें तो भी कोई कुछ नहीं कहेगा क्योंकि आप ताकतवर हैं। दुनिया ऐसी ही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदू समाज को ताकतवर बनाने, उसे एकजुट करने और अपनापन की भावना से जोड़ने के लिए काम कर रहा है। हम हमेशा से एक राष्ट्र रहे हैं और वह है हिंदू राष्ट्र।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब आरएसएस हिंदू शब्द का इस्तेमाल करता है तो उसका अर्थ केवल पूजा-पाठ का कोई एक तरीका नहीं होता। हिंदू शब्द के दायरे में पूजा-पाठ के कई तरीके आते हैं। हिंदू हमारी सांस्कृतिक पहचान है, जिसका मतलब है सभ्यतागत पहचान।

जब स्वयंसेवक मुसलमानों और ईसाइयों से मिलते हैं तो हम उनसे कहते हैं कि परंपराओं, पूर्वजों और अपने साथ हर जगह ले जाने वाले सांस्कृतिक प्रभाव के नजरिये से आप भी हिंदू हैं, लेकिन वे इससे सहमत नहीं होते।

आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, लेकिन इसे सबसे ज्यादा गलत समझा जाता है। बाहर के लोगों को यह संगठन अर्धसैनिक बल जैसा लग सकता है क्योंकि स्वयंसेवक वर्दी पहनकर मार्च करते हैं। सच यह है कि बाहर से आरएसएस को समझना मुश्किल है।

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SJK News Chief Editor (SJK News)