ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन प्राथमिकता पर हो
देश के तकनीकी संस्थानों को इंड्रस्टी से जोड़ने की जरूरत- डॉ. कृष्ण गोपाल लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक अयोध्या धाम में संपन्न
अयोध्या/ जयपुर - लघु उद्योग भारती की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक उत्तर प्रदेश के अयोध्या धाम में 8 सितम्बर को संपन्न हुई। प्रख्यात चिंतक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने इस अवसर पर देशभर से आये उद्यमियों को ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर उनके लिए प्राथमिकता पर रोजगार सृजन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के कुछ क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में गांव के गांव खाली हो रहे हैं और इस पलायन की प्रवृत्ति को समय रहते रोकना बहुत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि देश की आईआईटी, एनआईटी और अन्य उच्च तकनीकी संस्थानों का इंडस्ट्रीज के साथ न कोई कनेक्ट है और न कोई समन्वय। सरकार करोड़ों रुपये लगाकर जिस युवा को तैयार करती है, वो विदेश चला जाता है। वहीं दूसरी ओर जो युवा यहां से बीटेक और एमटेक करके विदेश से कोई विशेष तकनीक सीखते हैं, सिंगापुर, जर्मनी आदि देशों की हाईटेक लैब्स में सीखने जाते हैं, लेकिन उनके ज्ञान और तकनीकी दक्षता का सीधा फायदा यहां की इंडस्ट्री को पहुँच ही नहीं पाता।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने उदाहरण देकर बताया कि कानपुर और दिल्ली दोनों जगह आईआईटी केंद्र हैं और इन दोनों शहरों के बीच करीब 20 हजार इंडस्ट्रीज भी हैं, लेकिन दोनों संस्थानों का इंडस्ट्री की जरूरतों, बदलती तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में कोई विमर्श नहीं होता। उन्होंने स्किल गैप को ख़त्म करने के लिए लघु उद्योग भारती की दोनों पहलों को रेखांकित करते हुए बताया कि एमएसएमई सेक्टर को स्किल्ड वर्क फ़ोर्स उपलब्ध करवाने के लिए संगठन कई प्रदेशों में कौशल केंद्रों का संचालन कर रहा है। और साथ ही आईटीआई संस्थानों के पाठ्यक्रमों को रिव्यू कर उन्हें अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने नशे की बुरी आदतों से युवाओं को दूर रहने की सलाह भी दी।
इससे पूर्व क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वजूभाई वघासिया, बलदेव भाई प्रजापति एवं घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू, राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र सिंह एवं प्रदेश महासचिव अमित अग्रवाल सहित देशभर से तीन सौ से अधिक प्रगतिशील उद्यमियों की विशेष उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नरेश पारीक ने जयपुर पहुंचकर जानकारी दी कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के उत्थान के बारे में सार्थक चर्चा हुई और 28 प्रांतों के पदाधिकारियों ने संगठन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही विशेष सत्रों में एआई एवं व्यापार, रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई सेक्टर के लिए संभावनाएं, आरएंडडी और टेक्नोलॉजी और सिडबी द्वारा प्रस्तुत एमएसएमई के लिए स्कीम उल्लेखनीय रहे।
इस अधिवेशन में राजस्थान से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कोटा के प्रमुख उद्यमी ताराचंद गोयल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजू सिंह, प्रदेश महासचिव सुधीर गर्ग, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण जाजोदिया, जोधपुर प्रांत अध्यक्ष बालकिशन परिहार, सचिव सुरेश विश्नोई, चित्तोड़ अंचल अध्यक्ष महेश हुरकट, जयपुर अंचल अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा एवं सचिव सुश्री सुनीता शर्मा भी उपस्थित रहीं।
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