आत्मा का आत्म अवलोकन कर : ऊर्जयंत सागर जी

पुष्पदंत भगवान की आराधना से कल्याण संभव :

Sep 1, 2025 - 12:46
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आत्मा का आत्म अवलोकन कर  : ऊर्जयंत सागर जी

जयपुर :श्री दिगंबर जैन मंदिर वरुण पथ मानसरोवर में विराजमान परम पूज्य उपाध्याय श्री ऊर्जयंत सागर जी महाराज ने आज दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आत्म अवलोकन पर्व में उतम शौच धर्म पर आयोजित सभा में उपस्थित जन समुदाय को मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा कि उत्तम शोच का अर्थ है जीवन से लोभ की समाप्ति लोभ लालच केवल धन का ही नही होता रूप का भी होता है वस्त्र का भी होता है भोजन का भी होता है एवं पद का भी लोभ होता है इसलिए अपने जीवन को सीमित संसाधनों से जीने की कला में पारंगत करना है तो जीवन से लोभ नामक शब्द को समाप्त करने पर जीवन को अनंत ऊंचाइयां प्राप्त होगी इसलिए बंधुओं जैन धर्म में दशलक्षण महापर्व का महत्व और अधिक बढ़ जाता है कि हमें सात्विक रूप से धर्म को पढ़ने और समझने का जो अनुकूल समय चाहिए वह इसी महापर्व के दौरान आता है और यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हम अपनी आत्मा का आत्म अवलोकन कर सकें क्योंकि श्रेष्ठ जीवन जीने के आलिए स्वयं में क्षमा का सहजता का और सरलता का होना एवं लोभ के त्याग की भावना का होना बहुत आवश्यक है 

संगठन मंत्री विनेश सोगानी ने बताया कि आज जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ जी के मोक्ष कल्याण के पावन अवसर पर निर्वाण लाडू अर्पित करने का सौभाग्य मंजू जी अंशुल जी जैन छाबड़ा राजावास वालों को प्राप्त हुआ इस अवसर पर मंदिर जी की सभी वेदियों पर निर्वाण लाडू अर्पित किए गए साइन कालीन कार्यक्रमों की श्रृंखला में पूज्य गुरुदेव द्वारा आयोजित पाठशाला के पश्चात संगीतमय भक्तामर जिन आराधना का आयोजन मंदिर जी प्रांगण में किया गया इस अवसर पर पूर्ण भक्ति भाव से 48 परिवारों ने भगवान के श्री चरणों में दीप अर्पित किए

अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व में आज उतम शौच दिवस का विधिवत शुभारंभ श्री जी के अभिषेक एवं शांति धारा से हुआ इस अवसर पर मूल नायक भगवान महावीर की शांति धारा करने का सौभाग्य डॉ सतीश जी डॉक्टर ममता जी जैन को प्राप्त हुआ को प्राप्त हुआ

 मंत्री ज्ञान बिलाला ने बताया कि प्रोफेसर हितेंद्र जैन के निर्देशन में विद्यासागर सभागार भवन में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आज उतम आर्जव धर्म पर विधान का आयोजन किया गया इस अवसर पर आयोजित सभी क्रियाएं करने का अवसर आज के सोधर्म इंद्र गुणमाला देवी मनोज जी बबीता जी चिरायु जी बाकलीवाल को प्राप्त हुआ इस अवसर पर भगवान महावीर स्वामी एवं वात्सल्य रत्नाकर आचार्य गुरुवर विमल सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य सोधर्म इन्द्र को प्राप्त हुआ इस अवसर पर एमपी जैन,ज्ञान बिलाला, कैलाश सेठी,विनेश सोगानी, मुकेश कासलीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया 

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SJK News Chief Editor (SJK News)