महिलाओं से जुड़े अपराधों का 60 दिन में निस्तारण सुनिश्चित हो : मुख्य सचिव

प्रत्येक एफआईआर की स्थिति दो माह में अद्यतन करने के निर्देश

Apr 2, 2026 - 03:17
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महिलाओं से जुड़े अपराधों का 60 दिन में निस्तारण सुनिश्चित हो : मुख्य सचिव

जयपुर।  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने महिलाओं से जुड़े अपराधों का 60 दिन में निस्तारण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक एफआईआर की स्थिति दो माह में अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडलीपीआर (मेडिको लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट) प्रशिक्षण आयोजित करने, न्याय श्रुति को शीघ्र आॅनबोर्ड करने, जिलों में लोक अभियोजकों की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने तथा सिविल राइट्स की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर एवं सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) के व्यापक उपयोग से तकनीक आधारित पुलिसिंग को सुदृढ़ करते हुए जांच प्रक्रिया को और अधिक गति दी जाए।

मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में नई आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन एवं स्मार्ट पुलिसिंग पहलों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने नागरिकों के लिए एसएमएस अलर्ट, आॅनलाइन ट्रैकिंग एवं ई-समन जैसी सुविधाओं का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को ई-साक्ष्य के उपयोग हेतु नियमित प्रशिक्षण देने तथा आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सभी स्तंभों- पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक एवं न्यायिक अधिकारियों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने न्यायालयों एवं कारागृहों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर सुनवाई प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं त्वरित बनाने के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तकनीकी प्लेटफॉर्म्स का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि जांच की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता में निरंतर सुधार बना रहे। उन्होंने गंभीर मामलों में फोरेंसिक जांच को प्राथमिकता देने तथा घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

बैठक में अजय पाल लाम्बा, पुलिस महानिरीक्षक (राज्य अपराध अभिलेख ब्यूर - एससीआरबी)  ने बताया गया कि फोरेंसिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण से मामलों के निस्तारण में सुधार दर्ज हुआ है। राज्य में आपराधिक मामलों के पंजीकरण, जांच एवं निस्तारण में निरंतर प्रगति हो रही है तथा निर्धारित समयसीमा में मामलों के निस्तारण की दर में वृद्धि से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग भास्कर आत्माराम सांवत; महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा; महानिदेशक जेल अशोक कुमार राठौड़; प्रमुख शासन सचिव विधि एवं विधिक कार्य विभाग; राघवेंद्र काछवाल; तिरूपति कुमार गुप्ता, शासन सचिव, गृह (विधि) एवं निदेशक अभियोजन  सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, वित्त विभाग, गृह विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग  के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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SJK News Chief Editor (SJK News)