प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा: भजनलाल शर्मा
युवाओं की मजबूत नींव से सुरक्षित हो रहा प्रदेश का भविष्य रोजगार के अवसरों के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे युवा
जयपुर । कोई भी घर या विशाल इमारत तभी लंबे समय तक सुदृढ़ रहती है, जब उसकी नींव मजबूत हो। यही सिद्धांत समाज, राज्य और राष्ट्र पर भी लागू होता है। किसी भी प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा होते हैं, जिनका सशक्त वर्तमान ही एक उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखता है। भारत विश्व के सबसे युवा देशों में अग्रणी है और राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी दूरदर्शी सोच के तहत प्रदेश में युवा नीति, कौशल नीति और रोजगार नीति लागू कर युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
रोजगार पाने तक सीमित नहीं, अब युवा बन रहे रोजगारदाता—
गांव में ही डिजिटल शिक्षा सुविधा और संसाधनों का विस्तार—
भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पेपर लीक माफिया पर कठोर कार्रवाई की गई है तथा राष्ट्रीय स्तर की नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा। वहीं, ग्रामीण युवाओं को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र सेवाएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे युवाओं की शहरों पर निर्भरता कम होगी।
नशामुक्ति, तकनीकी शिक्षा और करियर मार्गदर्शन से समग्र विकास—
विशेष वर्गों के लिए भी खास योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं उनके आश्रितों के लिए मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के बच्चों के लिए Raj-PAHAL (Portable Access for Holistic and Assisted Learning) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए Raj-SAVERA (Statewide Anti-drugs Vigilance, Enforcement, Rehabilitation and Awareness) कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसके तहत नशे के विरुद्ध निगरानी, उपचार और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं से प्रतिभाओं को मिल रहा मंच-
खेलों के जरिए युवाओं के भविष्य को निखानते के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। विभिन्न जिलों में खेल स्टेडियमों का निर्माण के साथ ही सुधार कार्य किए जा रहे हैं। महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, खेलो राजस्थान यूथ गेम्स के आयोजन के लिए 50 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं तथा स्कूल खेल प्रतियोगिताओं की प्रोत्साहन राशि को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया है।
बहुआयामी नवाचारों और पहलों द्वारा राज्य युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। क्योंकि यही सशक्त युवा शक्ति राजस्थान को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने एवं विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
What's Your Reaction?

