साधु संतों के "सड़क सुरक्षा नीति "लागू करने को लेकर जैन समाज सड़क पर

मौन जुलूस निकालकर ज्ञापन दिया

May 26, 2026 - 01:44
 0  8
साधु संतों के "सड़क सुरक्षा नीति "लागू करने को लेकर जैन समाज सड़क पर
साधु संतों के "सड़क सुरक्षा नीति "लागू करने को लेकर जैन समाज सड़क पर
साधु संतों के "सड़क सुरक्षा नीति "लागू करने को लेकर जैन समाज सड़क पर

टोंक । जैन साधु-संतों के पदविहार (पदयात्रा) के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संपूर्ण देश एवं प्रदेश में व्यापक 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने के संबंध में सोमवार को जैन समाज के लोगों ने श्री दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज टोंक से मुख्य बाजार बड़ा कुआं काफला बाजार सुभाष बाजार होते हुए कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार पूजा अटल को प्रधानमंत्री गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर साधु संतों की सुरक्षा नीति लागू करनेहेतु ज्ञापन दिया

समाज के प्रवक्ता पवन कंटान एवं कमल सर्राफ ने अवगत कराया कि संपूर्ण भारतवर्ष का जैन समाज एवं अहिंसा प्रेमी नागरिक हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में हुई हृदयविदारक सड़क दुर्घटना से अत्यंत मर्माहत, व्यथित और आक्रोशित हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108  विद्यासागर जी महामुनिराज की सुयोग्य शिष्याएं—दिगम्बर जैन साध्वियां आर्यिका मां श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका मां उपशममति माताजी—का सड़क दुर्घटना के कारण आकस्मिक समाधि-मरण हो गया।
जैन धर्म के साधु-साध्वी आजीवन पदयात्री होते हैं। वे बिना किसी वाहन के, नंगे पैर, पूर्ण अहिंसा का पालन करते हुए पूरे देश में धर्म, शांति और व्यसनमुक्ति का संदेश देते हुए पदविहार करते हैं।

 विगत कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य मुख्य मार्गों पर यातायात के भारी दबाव, अनियंत्रित व तेज रफ्तार वाहनों के कारण जैन साधु-संतों के साथ दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक रूप से वृद्धि हुई है। पूर्व में भी कई संतों ने ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं में अपने प्राण गंवाए हैं। चूंकि संत पूरे देश में पैदल भ्रमण करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा मात्र समाज की नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की भी जिम्मेदारी है।

 आध्यात्मिक गुरुओं के जीवन की रक्षा हेतु हम आपसे निम्नलिखित मांगें

* 'संत सुरक्षा नीति' का निर्माण: केंद्र सरकार और  प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से पूरे देश/प्रदेश में पदविहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक 'संत सुरक्षा नीति' लागू करे।
* अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट एवं पेट्रोलिंग: संतों के पदविहार के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस सुरक्षा (एस्कॉर्ट) या होमगार्ड प्रदान किए जाएं।
* थानों के बीच समन्वय: जिस थाना क्षेत्र से संतों का विहार (पदयात्रा) हो रहा हो, वहां की पुलिस अगले थाना क्षेत्र को पूर्व सूचना देकर सुरक्षा की निरंतरता बनाए रखे।
* राजमार्गों पर सुरक्षित व्यवस्था: हाईवे और मुख्य मार्गों पर पदयात्रियों के लिए सुरक्षित लेन सुनिश्चित की जाए तथा संतों के विहार के समय यातायात को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर आदि की व्यवस्था की जाए।
* दोषियों पर सख्त कार्रवाई: रीवा दुर्घटना सहित पूर्व में हुई सभी ऐसी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच हो और लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।

जैन साधु-संत हमारे देश की अमूल्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। उनकी रक्षा करना शासन का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अविलंब 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस मौके पर समाज के अध्यक्ष पदमचंद आड़रा, मंत्री महावीर प्रसाद देवली नरेंद्र फागी अशोक झिराना ,धर्मचंद दाखिया,  संजय संघी, अंकुर पाटनी ओम ककोड़ पंकज फूलेता, पप्पू नमक, हेमंत _गोलू माधोपुरियाअमित छामुनिया, अंशुल बोरदा,प्रमोद जैन, रमेश काला, ताराचंद बड़जात्या, पवन पटवारी, सुरेंद्र वकीलमहेंद्र  पाटनी , शैलेंद्र जैन, अशोक छाबड़ा, विनोद बाकलीवाल, बाबू सेठी, जितेंद्र सोगानी अशोक जैन हाउसिंग बोर्ड, तेजमल वकील, श्वेतांबर समाज से अजीत पोरवाल निर्मल चौधरी पवन बिलासपुरिया सुरेंद् जयपुरिया राजेश बम प्रकाश बम पदमबम ,सरावगी समाज महिला के अध्यक्ष रेखा जैन, संतोष मलारना सुनीता सेठी नीतू सर्राफ काफी संख्या में पुरुष व महिलाएं उपस्थित रही

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)