आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का होगा विस्तार, फैकल्टी की कमी होगी दूर सुविधाओं के विकास को लेकर प्रमुख शासन सचिव ने की समीक्षा

Jun 14, 2026 - 05:16
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आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यहां रोगियों को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हो, इसके लिए सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों में फैकल्टी एवं चिकित्सकों की कमी को भी शीघ्र दूर किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शनिवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल को आगामी समय में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), जयपुर के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संस्थान के चरणबद्ध उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की।

प्रमुख शासन सचिव ने बैठक के दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि हर कार्य की एक टाइमलाइन निर्धारित कर उसे समय पर पूरा किया जाए। सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए उन्होंने फैकल्टी तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन थियेटर तथा प्रसूति सेवाओं में निरंतर वृद्धि दर्ज हो रही है, यह सुखद संकेत है। इन सेवाओं में और अधिक विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं तथा आगामी महीनों में इस सकारात्मक प्रगति को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रिम्स के विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।

सिटी स्केन सेवा शुरू, जल्द एमआरआई भी होगी शुरू—

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबू लाल गोयल ने बताया कि अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ कर दी गई है, जिससे मरीजों को उन्नत जांच सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है। साथ ही एमआरआई सेवा भी शीघ्र प्रारंभ किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे आमजन को अधिक व्यापक और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।उन्होंने रक्त उपलब्धता एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के ब्लड बैंक को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, जयपुर के सहयोग से और अधिक सुदृढ़ किया गया है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में ट्रॉमा सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं तथा भविष्य में इन सेवाओं के चरणबद्ध उन्नयन की कार्यवाही भी की जाएगी।

रोगियों को मिलेगा बेहतर विकल्प—

सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि सवाई मानसिंह अस्पताल की फैकल्टी एवं आरयूएचएस के इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए यहां आर्थोपेडिक्स एवं जनरल सर्जरी की सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। इससे सवाई मानसिंह अस्पताल में भी रोगी भार कम हो सकेगा और रोगियों को उपचार के लिए एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

कैथ लैब शुरू होने से हृदय रोगियों को राहत—

विशेषाधिकारी डॉ. अजीत सिंह शक्तावत ने बताया कि अत्याधुनिक कैथ लैब प्रारंभ होने से हृदय रोगियों को उन्नत जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें अन्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वर्तमान में अस्पताल में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं संचालित हैं। इन सेवाओं को आवश्यक मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों तथा अधोसंरचनात्मक संसाधनों के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ एवं विस्तारित किया जा रहा है।

बैठक में आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. मोहनीश ग्रोवर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

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SJK News Chief Editor (SJK News)