राजस्थान में फैटी लिवर की स्क्रीनिंग में देश में प्रथम स्थान पर

प्रदेश के सभी 63 जिला अस्पतालों में मिशन लिवर स्माइल के तहत क्लीनिक संचालित, 2.61 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, 31.02 लाख संदिग्ध मिले, स्कूलों में विद्यार्थियों के वजन, ऊंचाई और कमर की नाप की होगी जांच, मोटापा कम करने के लिए मिशन ओवी लॉस चलाया जाएगा

Sep 20, 2026 - 12:05
 0  1
राजस्थान में फैटी लिवर की स्क्रीनिंग में देश में प्रथम स्थान पर

जयपुर । प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में फैटी लिवर की स्क्रीनिंग को व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। प्रदेश में एनसीडी व्यवस्था के तहत फैटी लिवर की व्यवस्थित स्क्रीनिंग को शामिल किया गया है। मिशन लिवर स्माइल के तहत बीमारी की समय पर पहचान, आवश्यक जांच और उपचार के लिए रेफरल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

राठौड़ ने बताया कि शनिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. शिव सरीन की अध्यक्षता में मिशन फैटी लिवर से संबंधित बैठक स्वास्थ्य भवन में आयोजित की गई। बैठक में फैटी लिवर की स्क्रीनिंग, उपचार, प्रशिक्षण और आगे की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

 स्कूलों में बच्चों के वजन और ऊंचाई की होगी जांच—

 प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी स्कूलों में ‘डब्ल्यू जोन’ बनाए जाएंगे। इनमें विद्यार्थियों के वजन, ऊंचाई और कमर की नाप की जाएगी। इस गतिविधि को आरबीएसके एवं आरकेएसके कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इससे बच्चों में मोटापे और मेटाबॉलिक जोखिम की समय पर पहचान की जा सकेगी।

 लीवर डिजीज रजिस्ट्री और बायो बैंक की संभावना—

 उन्होंने बताया कि ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से लीवर डिजीज रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। इससे मरीजों की जानकारी और उपचार की स्थिति को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। साथ ही प्रदेश में बायो बैंक की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।

 मोटापा कम करने के लिए मिशन ओवी लॉस—

राठौड़ ने बताया कि मोटापे को कम करने के लिए ईट राइट कैंपेन के तहत ‘मिशन ओवी लॉस’ चलाया जाएगा। इसके माध्यम से स्वस्थ खान-पान और बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 63 जिला अस्पतालों में लिवर स्माइल क्लीनिक—

 प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी 63 जिला अस्पतालों में लिवर स्माइल क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। इन क्लीनिकों में फैटी लिवर की जांच, आवश्यक सलाह और जरूरत के अनुसार आगे के उपचार के लिए रेफरल की व्यवस्था है। क्लीनिक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संचालित किए जा रहे हैं।

 

करीब 10 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण—

 उन्होंने बताया कि मिशन के तहत 150 नोडल अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा करीब 10 हजार मेडिकल ऑफिसर एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगे भी अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को फैटी लिवर की स्क्रीनिंग के लिए विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 2.61 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग—

 राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 2.61 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 31.02 लाख लोग संदिग्ध पाए गए। वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 1.32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और इनमें 17.44 लाख लोग संदिग्ध पाए गए हैं।

 उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर अब तक 26,54,556 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2,38,910 लोग संदिग्ध पाए गए। जिला अस्पताल स्तर पर भी 13,021 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

 संदिग्ध मरीज इलाज तक क्यों नहीं पहुंच रहे, होगा अध्ययन—

 प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि फैटी लिवर की स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाए जाने वाले मरीजों में से जो मरीज आगे इलाज के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, उनके कारणों का अध्ययन कराया जाएगा। अध्ययन के आधार पर मरीजों को जांच, सलाह और उपचार से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जांच से लेकर उपचार तक रेफरल की व्यवस्था—

 उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रारंभिक जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है। जिला अस्पताल में FIB-4 स्कोर के माध्यम से बीमारी की गंभीरता का आकलन किया जाता है। जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेज में फ़ाइब्रोस्कैन , बायोप्सी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए रेफरल की व्यवस्था है।

 राठौड़ ने कहा कि फैटी लिवर से बचाव के लिए संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि और वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है। मिशन का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान के साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

 बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल,मुख्य कार्यकारी अधिकारी,आरजीएचएस,हरजीलाल अटल,खाद्य आयुक्त अविचल चतुर्वेदी,निदेशक,जन स्वास्थय डॉ.रवि शर्मा,प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरजीएचएस डॉ.निधि पटेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

SJK News Chief Editor (SJK News)