णमोकार मंत्र अनादिनिधन : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
आत्मा रूपी तिजोरी मे महामंत्र धारण से जीवन मंगल होगा
टोंक : णमोकार मंत्र बहुत बड़ी निधि है,इस निधि की सुरक्षा आत्मा रूपी तिजोरी में धारण करके करें, तब जीवन में मंगल होगा । णमोकार मंत्र अनादिनिधन है जो अनंत काल तक चलेगा, इस मंत्र को मामूली या तुच्छ नहीं समझे णमोकार मंत्र शक्तिशाली मंत्र है। जीवन में प्रयोग , धारण कर जीवन को सार्थक करने का पुरुषार्थ करें। यह मंगल देशना वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने टोंक की धर्म सभा में प्रकट की। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि भगवान का प्रतिदिन सर्वांग अभिषेक होना चाहिए क्योंकि अभिषेक गुणों को धारण करने तथा स्वयं की आत्मा पर लगे कर्म रूपी मेंल को दूर करने के लिए किया जाता है
भगवान को गीले कपड़े से अथवा सूखे कपड़े से मार्जन करना ठीक नहीं है। सभी जीव जीवन में मंगल और सुख चाहते हैं, मोक्ष जाना चाहते हैं उसके लिए दीक्षा वैराग्य धारण करना जरूरी है। दूषित खानपान से स्वास्थ्य खराब होता है स्वास्थ्य ठीक होने पर ही आप धर्म ध्यान मन की निर्मलता सहित कर सकते हैं। रोगी होने पर आप वैद्य डॉक्टर से दवाई लेकर विधिपूर्वक उपचार करा कर ठीक होते हैं उसी प्रकार आत्मा पर लगे कर्म रूपी रोग धर्म भगवान के दर्शन, अभिषेक ,पूजन आदि क्रियायो से ठीक हो सकते हैं। डॉक्टर की भांति आपको देव शास्त्र गुरु पर भी श्रद्धा और भरोसा रखना होगाआचार्य श्री ने आगे बताया कि अर्जुन सुभद्रा अभिमन्यु की कहानी के माध्यम से गर्भ में बातचीत और संस्कार का प्रभाव पड़ता है पुणे के डॉक्टर कल्याण गंगवाल जब गर्भ में थे तब उनकी माता को आचार्य श्री शांति सागर जी ने रात्रि भोजन त्याग का नियम दिया था
जिसे आज 80 वर्षीय डॉक्टर कल्याण गंगवाल अभी तक निभा रहे हैं। इसलिए बालकों को बचपन से संस्कारित करना बहुत जरूरी है। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व आर्यिकाश्री देशनामति माताजी का प्रवचन हुआ। आचार्य श्री संघ के आहार के चौके लगाने के लिए बाहर के नगरों से काफी भक्त पधार रहे हैं टोंक सहित इंदौर पारसोला निवाई के चौके लगे हैं इंदौर के स्पर्श समर कंठाली परिवार इंदौर को आज आचार्य श्री और आर्यिका श्री महायशमति माताजी के आहार कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
समाज के धर्म प्रचारक प्रवक्ता पवन कंटान एवं विकास जागीरदार अनुसार धर्म सभा में श्रीजी और पूर्वाचार्य का चित्र का अनावरण दीप प्रवज्जलन ऋषभ कुमार,मयूर कुमार पचोरी परिवार पारसोला, आदेश जैन घाटलिया पारसोला एवं एंजे दाखिया द्वारा किया जाकर आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की इस मौके पर झाड़ोल से पधारे कलाकार भाई गोरधन के भक्तिमय भजनों पर बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए श्रद्धालुओं अष्टद्रव्य समर्पित किया ।एवं सुनील सर्राफ ने पूजन व्यवस्था में सहयोग किया। इस मौके पर आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ने सभी श्रावकों को तली वस्तुओं का त्याग देकर नियम दिलाया ।
विशेष - 27 जुलाई 2025 को होने वाली शांति समागम राष्ट्रीय पत्रकार संगोष्ठी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।जिसमें देश के सभी पत्रकार आयेंगे। जिसमें पत्रकारों का सामाजिक समरसता में चरित्र चक्रवर्ती का योगदान, प्रथमाचार्य और उनके जीवन मूल्यों की वर्तमान में प्रासंगिता, प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का जैन दर्शन को अवदान आदि विषयों पर संगोष्ठी होगी। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत सम्मान होगा एवं वात्सल्य भोज होगा ।आज अनेक नगरों से श्रद्धालु दर्शन हेतु पधारे जिसमें जयपुर, सनावद, पारसोला, निवाई, इंदौर के श्रद्धालुओं की दिनभर भीड़ रही
आचार्य शांतिसागर शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत मोहनलाल, पद्मचंद छामुनिया, रामवतार, हेमंत कुमार,मुकेश माधोपुरिया, पारसचंद, अनिल, सुनील सर्राफ, नारायण, किशन लकड़ा परिवार ने कलश स्थापित किए।
इस मौके पर मीडिया प्रकोष्ठ रमेश काला कमल सर्राफ, नीटू छामुनिया, पंकज फूलेता, ओम ककोड़, पंकज छामुनिया, सुमित दाखिया, अम्मू छामुनिया, अंशुल आरटी, उमेश संघी, पुनीत जागीरदार,अंकुर पाटनी, लोकेश कल्ली आदि समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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