टोंक की कमान अब नई कलेक्टर टीना डाबी के हाथ
बाड़मेर में रचा इतिहास, वॉटर वुमन के रूप में मिली पहचान चुनौतीपूर्ण जिलों में सफल कार्यकाल के बाद टोंक के लिए नई उम्मीद
टोंक | राजस्थान सरकार के प्रशासनिक फेरबदल में सबसे चर्चित नाम टीना डाबी का रहा है। यूपीएससी 2015 की टॉपर और बाड़मेर की वर्तमान कलेक्टर टीना डाबी को अब टोंक जिले का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे टोंक में 68वीं जिला कलेक्टर और इस पद पर बैठने वाली 14वीं महिला अधिकारी होंगी। टीना डाबी यहाँ कल्पना अग्रवाल का स्थान लेंगी, जिनका कार्यकाल एक वर्ष से भी कम (23 जून 2025 से अब तक) रहा है। कल्पना अग्रवाल को अब जयपुर में 'निदेशक एवं पदेन विशिष्ट सचिव, जलग्रहण भू-संरक्षण (ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग)' के महत्वपूर्ण पद पर भेजा गया है।
बाड़मेर कलेक्टर के रूप में टीना डाबी का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने रेगिस्तानी इलाके में पानी की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए 'कैच द रेन' अभियान को जन-आंदोलन बना दिया।
राष्ट्रपति से सम्मान : उनके नेतृत्व में बाड़मेर को जल प्रबंधन के लिए देश का मॉडल जिला माना गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाड़मेर को 'जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार' से नवाजा, जिसके तहत जिले को ₹2 करोड़ की पुरस्कार राशि मिली।
परंपरा और तकनीक का संगम : उन्होंने पारंपरिक 'टांका' प्रणाली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वर्षा जल संचयन में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
चुनौतीपूर्ण जिलों में सफल कार्यकाल के बाद टोंक के लिए नई उम्मीदें
जैसलमेर और बाड़मेर जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में सफल कार्यकाल के बाद, अब टीना डाबी से टोंक की जनता को काफी उम्मीदें हैं। टोंक में प्रशासनिक नवाचार, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता रह सकती है।
खास बात : टीना डाबी अपनी कार्यशैली और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। बाड़मेर में जनभागीदारी आधारित विकास का जो मॉडल उन्होंने खड़ा किया, उसे अब टोंक में लागू करने की चुनौती उनके सामने होगी।
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