परीक्षा प्रणाली में नवाचार के साथ पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण पहल
पेपरलेस रिजल्ट जारी करने की दिशा में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा ने बढ़ाया कदम पर्यावरण-अनुकूल परीक्षा कार्यप्रणाली और डिजिटल गवर्नेंस के साथ आरटीयू निरंतर बढ़ रहा है आगे : प्रो निमित चौधरी, कुलगुरु
कोटा (राजस्थान), राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा द्वारा परीक्षा प्रणाली में नवाचारो को मूर्त रूप देते हुए परिणाम घोषणा प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, त्वरित, पारदर्शी, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक प्रो. विवेक पाण्डेय के निर्देशन में विश्वविद्यालय द्वारा रिजल्ट डिक्लेरेशन कमेटी (आरडीसी) द्वारा पूर्व प्रचलित व्यवस्था में परिवर्तन कर पेपर लेस रिजल्ट व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। आरडीसी टीम द्वारा वर्तमान परिणाम घोषणा प्रक्रिया का अध्ययन करते हुए उसे डिजिटल एवं पेपर लेस स्वरूप प्रदान करने के लिए आवश्यक प्रणाली विकसित की गई है।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. विवेक पाण्डेय ने बताया कि प्रस्तावित पेपर लेस रिजल्ट व्यवस्था के अंतर्गत परिणाम घोषणा समिति से संबंधित कार्यसूची, परिणाम विवरण, सारणीकरण पत्रक, समिति की टिप्पणियां, अनुमोदन, बैठक कार्यवृत्त तथा अन्य संबंधित दस्तावेज डिजिटल माध्यम से तैयार, प्रस्तुत, जांचे, अनुमोदित एवं सुरक्षित किए जा सकेंगे। अधिकृत समिति सदस्य सुरक्षित डिजिटल माध्यम से परिणामों का परीक्षण कर अपनी टिप्पणियां एवं निर्णय दर्ज कर सकेंगे। इस व्यवस्था में भूमिका आधारित अधिगम, सुरक्षित प्रमाणीकरण, डिजिटल गतिविधि अभिलेख, संस्करण नियंत्रण, डिजिटल अनुमोदन तथा डिजिटल अभिलेखीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे परिणाम प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। किसी भी संशोधन की स्थिति में पुराने अभिलेख को सुरक्षित रखते हुए संशोधित अभिलेख का भी विवरण उपलब्ध रहेगा। परिणाम घोषणा के बाद संबंधित डिजिटल अभिलेख भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर आसानी से प्राप्त किए जा सकेंगे।
कुलगुरु प्रो निमित चौधरी ने कहा कि यह पहल राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के पेपरलेस कार्यालय, डिजिटल प्रशासन और हरित परिसर की अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। परिणाम घोषणा प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होने से समय की बचत, कार्यकुशलता में वृद्धि, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा भविष्य में भी डिजिटल तकनीक, पेपर लेस प्रशासन एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देते हुए परीक्षा एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक दक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और सतत बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय में वर्तमान अनुमान के अनुसार प्रति सप्ताह लगभग 3 से 4 परिणाम परिणाम घोषणा समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। प्रत्येक परिणाम से संबंधित कार्यसूची, परिणाम विवरण, सारणीकरण पत्रक, टिप्पणियों एवं अन्य दस्तावेजों में पृष्ठ मैं और छपाई की आवश्यकता होती है। पेपरलेस रिजल्ट व्यवस्था लागू होने के बाद इन दस्तावेजों की छपाई में उल्लेखनीय कमी आएगी । औसत स्थिति के आधार पर लगभग 54,600 पृष्ठ प्रतिवर्ष डिजिटल किए जा सकते हैं। पेपर लेस रिजल्ट व्यवस्था से विश्वविद्यालय में परिणाम संबंधी बड़ी संख्या में दस्तावेजों की छपाई कम होगी। कागज की खपत में कमी से केवल कार्बन उत्सर्जन ही कम नहीं होगा, बल्कि कागज, छपाई, स्याही, भौतिक फाइलों के रखरखाव तथा दस्तावेजों के भौतिक आवागमन में भी कमी आएगी। इससे विश्वविद्यालय के संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग में सहायता मिलेगी।
कागज की खपत में कमी का सीधा संबंध वन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से है। पेपर लेस रिजल्ट व्यवस्था से कागज की खपत और छपाई की आवश्यकता कम होने के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है। इससे औसतन चार वयस्क पेड़ कटने से बचेंगे, प्रति वर्ष अनुमानित तीन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार लगभग 54,600 पृष्ठों की वार्षिक बचत से करीब 3.06 टन CO₂ के बराबर संभावित पर्यावरणीय प्रभाव में कमी का अनुमान है। इस प्रकार आरटीयू की यह पहल प्रतिवर्ष लगभग तीन टन कार्बन डाई ऑक्साइड समतुल्य उत्सर्जन में कमी की दिशा में योगदान प्रदान करेगी।
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