तप एक जल प्रपात है जो कि समस्त कलंकों को धो देता है- आचार्य सुन्दर सागर महाराज

पर्युषण दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की विशेष आराधना की

Sep 23, 2026 - 12:43
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तप एक जल प्रपात है जो कि समस्त कलंकों को धो देता है- आचार्य सुन्दर सागर महाराज

निवाई - उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित कृषि मंडी के सामने श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे दस दिवसीय पर्युषण दशलक्षण पर्व के सातवें दिन संगीतमय उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सकल दिगम्बर जैन समाज निवाई के तत्वावधान में दशलक्षण महापर्व के तहत सन्मति सुन्दर श्रावक संस्कार शिविर में मंगलवार को उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई जिसमें त्यागी तपस्वियों सहित 200 शिविरार्थियों ने अनुष्ठान में भाग लेकर उत्तम तप धर्म की आराधना की। चातुर्मास कमेटी के मीडिया प्रभारी विमल पाटनी जौंला ने बताया कि दशलक्षण धर्म कार्यक्रम का शुभारंभ मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी के समक्ष मंदिर अध्यक्ष सुशील नीरा जैन, दिगम्बर जैन अग्रवाल समाज अध्यक्ष विष्णु बोहरा, अग्रवाल समाज चौरासी ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र चंवरिया, वर्षायोग समिति के नेमीचंद सिरस, एवं महेश मोठूका ने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में आचार्य सुन्दर सागर महाराज, मुनि श्रुंताश सागर महाराज, एवं आर्यिका सुलक्ष्य मति माताजी के विधिवत मंत्रोच्चार द्वारा श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ जी का अभिषेक एवं शांतिधारा की,  जिसमें  श्रद्धालुओं ने क्षीरसागर के जल से चारों दिशाओं में श्री जी का अभिषेक एवं पंचामृत अभिषेक के साथ पूजा अर्चना का शुभारंभ किया गया। चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता विमल जौंला एवं रोनक बोहरा ने बताया कि धार्मिक शिविर में सुबह ध्यान क्रिया एवं योगा क्रिया के साथ दशलक्षण पर्व कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिसमें सेंकड़ों श्रद्धालुओं ने नव देवता पूजा, देव शास्त्र गुरु पूजन, आचार्य आदि सागर महाराज अंकलीकर पूजा, आचार्य महावीर कीर्ति महाराज, आचार्य विमल सागर महाराज, आचार्य सन्मति सागर महाराज एवं आचार्य सुन्दर सागर महाराज की संगीतमय पूजन की गई। 


जौंला ने बताया कि दशलक्षण पर्व में धार्मिक मां की ममता नामक नाटक का मंचन किया गया जिसमें कवि चन्द्रेश जैन, प्रदीप जैन, रोनक बोहरा, सुनील भाणजा एवं विमल पाटनी ने संचालन किया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करके विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आर्यिका सुलक्ष्य मति माताजी ने उत्तम तप धर्म पर कहा कि कर्म शत्रुओं को नाश करना, तपाना, एवं कर्मों को तपाकर समाप्त करना उत्तम तप धर्म कहलाता है। उन्होंने कहा कि तप एक जल प्रपात है जो कि समस्त कलंकों को धो देता है और आत्मा को सभी कर्मों से विशुद्ध कर देता है। दशलक्षण पर्व कार्यक्रम में सुनील एण्ड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां दी जिस पर सुनील बनेठा, शुभम चंवरिया, राहुल सिंहल,  विमल बगड़ी, संयम रजवास, प्रियांशु जैन, शुभम कठमाणा, नीरज माधोराजपुरा, सुनील बनस्थली, धर्म चंद सेदरिया, महिला मण्डल की नीरा जैन, शशी सोगानी, मुन्नी देवी भाणजा, ज्ञानेश्वरी जैन, मंजू सेदरिया, रेखा जैन ने भक्ति नृत्य किया। जैन समाज के प्रवक्ता राकेश संधी एवं त्रिलोक रजवास ने बताया कि शहर के सभी जिनालयों में रविवार को दशलक्षण धर्म पर्व पर बड़ा जैन मंदिर, बिचला जैन मंदिर, नसियां जैन मंदिर, बंपुई वालों का चेत्यालय, शिवाजी कालोनी पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, सूरजमल बाबाजी का चेत्यालय सहित सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में उत्तम सत्य धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धा पूर्वक दशलक्षण धर्म की पूजा अर्चना की।

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SJK News Chief Editor (SJK News)