डबल इंजन का दम
दीपावली पर सड़कों पर लक्ष्मी-गणेश के पन्ना और पूजा सामग्री बेचकर आजीविका चलाने वालों को भी संबल दे रही मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना
जयपुर - दीपावली का त्योहार हो या अन्य पर्व, बाजारों और सड़कों पर छोटी-छोटी दुकानें लगाकर आजीविका चलाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। दीपावली पर सड़क किनारे बैठकर अथवा ठेले लगाकर लक्ष्मी-गणेश जी के चित्र, पूजा सामग्री, गन्ने और फल बेचने वाले छोटे व्यापारी भी त्योहार की रौनक बढ़ाते हैं। ये लोग दिनभर मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को लेकर इनके सामने कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसे ही श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के भविष्य को सुरक्षित एवं सुखद बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना लागू की है। योजना के माध्यम से राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के इन मेहनतकश लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना पहुंचाई जा रही है और उन्हें इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। राज्य में अब तक 25,345 पात्र व्यक्ति मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना से जुड़ चुके हैं। इनमें राजसमंद में 3,072, बालोतरा में 2,117, भरतपुर में 1,851, झुंझुनूं में 1,289 तथा सवाई माधोपुर में 1,090 पात्र व्यक्तियों ने पंजीकरण करवाया है।
पीएम श्रमयोगी मानधन योजना का भी हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना से संबद्ध है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के प्रति भी पात्र लोगों का रुझान बढ़ा है। इसके तहत वर्ष 2024-25 में 5,085, वर्ष 2025-26 में 6,248 तथा वर्ष 2026-27 में अब तक 3,191 पात्र व्यक्ति योजना से जुड़ चुके हैं। यह केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
60 वर्ष की आयु के बाद मिलेगी 3 हजार रुपये मासिक पेंशन
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। इसके अंतर्गत पात्र अभिदाताओं को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर प्रतिमाह 3,000 रुपये की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाती है। यह पेंशन मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त है। योजना में शामिल होने वाले व्यक्ति को निर्धारित आयु तक नियमित अंशदान करना होता है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीवनभर मेहनत कर परिवार और समाज के लिए योगदान देने वाले श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
योजना के लिए राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही मासिक आय 15 हजार रुपये तक होनी चाहिए। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर्स तथा लोक कलाकार योजना के पात्र हैं। योजना में प्रवेश के समय आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्रता और निर्धारित आयु के अनुसार लाभार्थियों को संबंधित पेंशन व्यवस्था से जोड़ा जाता है।
परिवार को भी मिलेगा आर्थिक संबल
योजना में पारिवारिक सुरक्षा का भी प्रावधान किया गया है। पेंशन प्राप्त करने के दौरान यदि किसी पेंशनर की मृत्यु हो जाती है, तो उसका पंजीकृत जीवनसाथी निर्धारित नियमों के अनुसार पेंशनर को देय पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने का हकदार होगा। वहीं, 60 वर्ष की आयु से पहले किसी अभिदाता के स्थायी रूप से निःशक्त होने और अंशदान जारी रखने में असमर्थ होने की स्थिति में पति अथवा पत्नी नियमित अंशदान कर योजना जारी रख सकते हैं अथवा नियमानुसार ब्याज सहित अंशदान का हिस्सा प्राप्त कर योजना से बाहर निकल सकते हैं।
तीन वर्ष बाद योजना से बाहर निकलने का भी विकल्प
योजना में सरल एक्जिट प्लान की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत तीन वर्ष की लॉक-इन अवधि पूरी होने के बाद तथा दस वर्ष से कम की अवधि के भीतर योजना छोड़ने पर अभिदाता के अंशदान का हिस्सा बैंक बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज दर के अनुसार ब्याज सहित लौटाने का प्रावधान है।
आधार सत्यापन में परेशानी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था
योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सहजता से पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने आधार एवं जन आधार सत्यापन की प्रक्रिया में भी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना-2024 के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, पथ विक्रेताओं एवं लोक कलाकारों के लिए वित्त (बीमा) विभाग ने सत्यापन की नई व्यवस्था जारी की है। इसका उद्देश्य तकनीकी अथवा बायोमीट्रिक समस्याओं के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित होने से बचाना है।
आधार नहीं होने पर अन्य पहचान पत्र भी होंगे मान्य
जिन 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को अभी तक आधार एवं जन आधार संख्या प्राप्त नहीं हुई है, वे आधार नामांकन केंद्र से प्राप्त ईआईडी (EID) वाली पावती के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। इनमें मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, शैक्षणिक अंकतालिका अथवा प्रमाण पत्र, सरकारी कर्मचारी पहचान पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित निर्धारित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी करेंगे।
ओटीपी और ऑफलाइन ई-केवाईसी से भी होगी पहचान
कई बार फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतली अथवा चेहरे के माध्यम से बायोमीट्रिक पहचान की पुष्टि नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में अब दूसरे बायोमीट्रिक माध्यम अथवा ओटीपी के जरिए पहचान सत्यापन का विकल्प उपलब्ध होगा। इन माध्यमों से भी सत्यापन संभव नहीं होने पर आधार क्यूआर कोड स्कैन अथवा आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी दस्तावेज के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जा सकेगी। यूआईडीएआई के डिजिटल हस्ताक्षर का सत्यापन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
राज्य सरकार की यह पहल उन छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, श्रमिकों और लोक कलाकारों के लिए विशेष महत्व रखती है, जो अपनी मेहनत और हुनर से समाज एवं अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। दीपावली जैसे अवसरों पर बाजारों को रौनक प्रदान करने वाले इन मेहनतकश लोगों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद बन रही है।
What's Your Reaction?

